60+ Meri Hindi Shayari | The Best New in Meri Hindi Shayari

Meri Hindi Shayari

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प्रेम..(Love):

प्रेम..शब्द नहीं घटना नहीं दिखता नहीं कहा भी नहीं जाता सिर्फ़ महसूस होता है दिल की ग़हराईयों में,एकदम ग़हरे जिसमें डूबना होता है फ़िर कुछ होश ही नहीं रहता एक ऐसा आनन्द, जिसका वर्णन नहीं किया जा सकता
जो शब्दों में नहीं समाता, सिर्फ़ महसूस किया जा सकता है ।

पर मंजूर यह है कि मोहब्बत बेशर्त हो ! जिसमें शब्द न हो अपेक्षा न हो जो कहा नहीं सिर्फ किया जाये ! आत्मा से दिल की ग़हराईयों से जो निरन्तर हो जिसमे तड़प हो, समर्पण हो प्यास हो ।

Meri diary in Hindi

किसी भी जुल्म के आगे,
कभी झुकना नहीं हैं।
सितम की उम्र छोटी है,
मुझे माँ ने सिखाया हैं।

दोस्ती, सलोना और सुहाना अहसास है,
जो संसार के हर रिश्ते से अलग होता है,,
जिसकी व्याख्या होना अभी भी बाकी है।
व्याख्या का आकार बड़ा होता है।

तमाम मौजूदा रिश्तों के जंजाल में
यह मीठा रिश्ता एक ऐसा सत्य है
दोस्ती, शुद्ध पवित्र मन का मिलन होती है।
दोस्त वह विश्वसनीय शख्स होता है

लेकिन गहराई के मामले में वह अनुभूति की बराबरी नहीं कर सकती। इसीलिए दोस्ती की कोई एक परिभाषा आजतक नहीं बन सकी। एक बेहद उत्कृष्ट अनुभूति जिसे पाते ही तनाव और चिंता के सारे तटबंध टूट जाते हैं।।
उलझनों की जंजीरें खुल जाती है।

दोस्ती एक ऐसा आकाश है,
जिसमें प्यार का चांद मुस्कुराता है,
रिश्तों की गर्माहट का सूर्य जगमगाता है
और खुशियों के नटखट सितारे झिलमिलाते हैं।

एक बेशकीमती पुस्तक है दोस्ती, जिसमें अंकित हर अक्षर, हीरे, मोती, नीलम, पन्ना, माणिक और पुखराज की तरह है, बहुमूल्य और तकदीर बदलने वाले, एक सुकोमल और गुलाबी रिश्ता है दोस्ती, छुई-मुई की नर्म पत्तियों-सा। अंगुली उठाने पर यह रिश्ता कुम्हला जाता है। इसलिए दोस्त बनाने से पहले अपने अन्तर्मन की चेतना पर विश्वास करना जरूरी है। सचाई, ईमानदारी, परस्पर समझदारी, अमिट विश्वास, पारदर्शिता, समर्पण, सम्मान जैसे श्रेष्ठ तत्व दोस्ती की पहली जरूरत है।

जिसके समक्ष आप अपने मन की अंतिम परत भी कुरेद कर रख देते हैं। एक सच्चा दोस्त आपके विकसित होने में सहायता करता है। उसका निश्छल प्रेम आपको पोषित करता है। जिसके साथ आप अपनी ऊर्जा व निजता बांटते हैं। दोस्ती की नवविकसित नन्ही कोंपल को जमाने के प्रदूषण से बचाना जरूरी है। तमाम उम्र इंसान को एक अच्छे दोस्त की तलाश रहती है।

इसी तलाश में यह पता चलता है कि दोस्ती का एक रंग नहीं होता। अलग-अलग रंगों से सजी दोस्ती कदम-कदम पर अपना रूप दिखाती है। कई दोस्त दोस्ती की गरिमा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर देते हैं। अकसर अच्छी दोस्ती को शक की दीमक लग जाती है जो अन्तत: उसे खोखला कर के छोड़ती है।

दोस्तों, शक दोस्ती का दुश्मन है
अपने दिल में इसे घर बनाने न दो
कल तड़पना पड़े याद में जिनकी
रोक लो रूठकर उनको जाने न दो,,

दोस्ती, उस गठरी के समान होती है जिसमें बंधी होती है ढेर सारी बातें, गहरे रिश्ते और खूबसूरत अहसास। इस गठरी को तुरंत खोलना चाहिए। वरना वे बातें, जो तह कर रखी हैं, वे रिश्ते, जो सिलवटों से भर गए हैं, और वे अहसास, जो गुड़-मुड़ हो गए हैं, उसमें ही गल सकते हैं, फट सकते हैं, सड़ सकते हैं।

इस गठरी को मिलन सूर्य की गुनगुनी धूप में खोल कर फैलाया जाए।
जैसे ही नमी दूर होगी खिल उठेगीं ढेर सारी बातें, रिश्ते और अहसास आए ।

Best New Meri Hindi Shayari

तुम फौजी अफसर की बेटी,
मैं तो किसान का बेटा हूँ,
तुम रबड़ी खीर मलाई हो,
मैं तो सत्तू सपरेटा हूँ,

meri shayari image
Meri Hindi shayari image

तुम एसी घर में रहती हो,
मैं पेड़ के नीचे लेटा हूँ,
तुम नई मारूति लगती हो
मैं स्कूटर लेम्ब्रेटा हूँ,

सब हड्डी पसली तोड़,
मुझे भिजवा देंगे वो जेल प्रिये,
मुश्किल है अपना मेल प्रिये,
ये प्यार नहीं है खेल प्रिये,

तुम अरब देश की घोड़ी हो,
मैं हूँ गदहे की नाल प्रिये,
तुम दीवाली का बोनस हो,
मैं भूखों की हड़ताल प्रिये,

तुम हीरे जड़ी तश्तरी हो,
मैं एल्युमिनियम का थाल प्रिये,
तुम चिकन, सूप, बिरयानी हो,
मैं कंकड़ वाली दाल प्रिये,

तुम हिरन चौकड़ी भरती हो,
मैं हूँ कछुए की चाल प्रिये,
तुम चन्दन वन की लकड़ी हो,
मैं हूँ बबूल की छाल प्रिये,

मैं पके आम सा लटका हूँ,
मत मारो मुझे गुलेल प्रिये,
मुश्किल है अपना मेल प्रिये,
ये प्यार नहीं है खेल प्रिये,

मैं शनिदेव जैसा कुरूप,
तुम कोमल कंचन काया हो,
मैं तन से, मन से कंगला हूँ,
तुम महाचंचला माया हो,

तुम निर्मल पावन गंगा हो,
मैं जलता हुआ पतंगा हूँ,
तुम राजघाट का शान्ति मार्च,
मैं हिन्दू-मुस्लिम दंगा हूँ,

तुम हो पूनम का ताजमहल,
मैं काली गुफा अजन्ता की,
तुम हो वरदान विधाता का,
मैं गलती हूँ भगवन्ता की,

तुम जेट विमान की शोभा हो,
मैं बस की ठेलमपेल प्रिये,
मुश्किल है अपना मेल प्रिये,
ये प्यार नहीं है खेल प्रिये,

तुम नई विदेशी मिक्सी हो,
मैं पत्थर का सिलबट्टा हूँ,
तुम ए.के. सैंतालिस जैसी,
मैं तो इक देसी कट्टा हूँ,

तुम चतुर राबड़ी देवी सी,
मैं भोला-भाला लालू हूँ,
तुम मुक्त शेरनी जंगल की,
मैं चिड़ियाघर का भालू हूँ,

तुम व्यस्त सोनिया गाँधी सी,
मैं अडवाणी सा खाली हूँ,
तुम हँसी माधुरी दीक्षित की,
मैं पुलिसमैन की गाली हूँ,

गर जेल मुझे हो जाए तो,
दिलवा देना तुम बेल प्रिये,
मुश्किल है अपना मेल प्रिये,
ये प्यार नहीं है खेल प्रिये,

मैं ढाबे के ढांचे जैसा,
तुम पाँच सितारा होटल हो ,
तुम चित्रहार का मधुर गीत,
मैं कृषि दर्शन की झाड़ी हूँ,
तुम विश्व सुंदरी सी महान,
मैं ठेलिया छाप कबाड़ी हूँ,

तुम सोनी का मोबाइल हो,
मैं टेलीफोन वाला चोंगा,
तुम मछली मानसरोवर की,
मैं सागर तट का हूँ घोंघा,

दस मंजिल से गिर जाऊँगा,
मत आगे मुझे ढकेल प्रिये,
मुश्किल है अपना मेल प्रिये,
ये प्यार नहीं है खेल प्रिये,

तुम जयाप्रदा की साड़ी हो,
मैं शेखर वाली दाढी हूँ,
तुम सुषमा जैसी विदुषी हो,
मैं लल्लू लाल अनाड़ी हूँ,

तुम जया जेटली सी कोमल,
मैं सिंह मुलायम सा कठोर,
तुम हेमा मालिनी सी सुन्दर,
मैं बंगारू की तरह बोर,

तुम सत्ता की महारानी हो,
मैं विपक्ष की लाचारी हूँ,
तुम हो ममता जयललिता सी,
मैं क्वाँरा अटल बिहारी हूँ,

तुम संसद की सुन्दरता हो,
मैं हूँ तिहाड़ की जेल प्रिये,
मुश्किल है अपना मेल प्रिये,
ये प्यार नहीं है खेल प्रिये ।

Meri diary sad Shayari

आँखों को इंतज़ार की भट्टी पे रख दिया
मैने दिये को आंधी की मर्जी पे रख दिया,
आओ तुम्हे दिखाते है अंजामे-जिंदगी
सिक्का ये कह के रेल की पटरी पे रख दिया,

फिर भी न दूर हो सकी आँखों से बेवगी
मेहँदी ने सारा खून हथेली पे रख दिया,
दुनियां क्या खबर इसे कहते है शायरी
मैने शक्कर के दाने को चींटी पे रख दिया,

अंदर की टूट-फुट छिपाने के वास्ते
जलते हुये चराग को खिड़की पे रख दिया,
घर की जरूरतों के लिए अपनी उम्र को
बच्चे ने कारखाने की चिमनी पर रख दिया,

पिछला निशान जलने का मौजूद था तो फिर
क्यों हमने हाथ जलते अंगीठी पे रख दिया।❜

कुछ ऐसी “बेबसी” देखी तेरी निगाहों में,
गुनाह हो गया जैसे कोई “वफ़ाओं” में,
“वो” क्या समझेगा हर कदम पे क्या गुजरती हैै
“जो” चला ना कभीं “मुफ़लिसी” की राहों मे

ख़ुशबू जैसे लोग मिले अफ़्साने में
एक पुराना ख़त खोला अनजाने में
शाम के साए बालिश्तों से नापे हैं
चाँद ने कितनी देर लगा दी आने में

रात गुज़रते शायद थोड़ा वक़्त लगे
धूप उन्डेलो थोड़ी सी पैमाने में
जाने किस का ज़िक्र है इस अफ़्साने में
दर्द मज़े लेता है जो दोहराने में

दिल पर दस्तक देने कौन आ निकला है
किस की आहट सुनता हूँ वीराने में
हम इस मोड़ से उठ कर अगले मोड़ चले
उन को शायद उम्र लगेगी आने में….

जरुरत नहीं लगती किसी समझनेवाले की मुझे।
मालूम हो गया वक्त अपना काम बड़ी ईमानदारी से करता है
अंदर आग जगाने में जरा भी परिश्रम नहीं लगता मुझे।
अब हवा जो हो गया हूँ, जिससे हर चिराग बुझने से डरता है ।।

Shayari ki diary love in Hindi

तेरे लिबास से मोहब्बत की है,
तेरे एहसास से मोहब्बत की है…
तू मेरे पास नहीं फिर भी,
मैंने तेरी याद से मोहब्बत की है…

कभी तू ने भी मुझे याद किया होगा,
मैंने उन लम्हों से मोहब्बत की है…
जिन में हो सिर्फ तेरी और मेरी बातें,
मैंने उन अल्फाज से मोहब्बत की है…

जो महकते हो तेरी मोहब्बत से,
मैंने उन जज्बात से मोहब्बत की है…
तुझ से मिलना तो अब एक ख्वाब लगता है,
इसलिए मैंने तेरे इंतजार से मोहब्बत की है

Meri diary thought in Hindi

एक दिन मामला यों बिगड़ा कि हमारी ही घरवाली से हो गया हमारा झगड़ा स्वभाव से मैं नर्म हूं, इसका अर्थ ये नहीं, के बेशर्म हूं।

पत्ते की तरह कांप जाता हूं,
बोलते-बोलते हांफ जाता हूं,
इसलिये कम बोलता हूं
मजबूर हो जाऊं तभी बोलता हूं

हमने कहा-“पत्नी हो तो पत्नी की तरह रहो कोई एहसान नहीं करतीं जो बनाकर खिलाती हो क्या ऐसे ही घर चलाती हो शादी को हो गये दस साल अक्ल नहीं आई सफ़ेद हो गए बाल पड़ौस में देखो अभी बच्ची है।

मगर तुम से अच्छी है
घर कांच सा चमकता है
और अपना देख लो
देखकर खून छलकता है

कब से कह रहा हूं तकिया छोटा है बढ़ा दो दूसरा गिलाफ चढ़ा दो चढ़ाना तो दूर रहा निकाल-निकाल कर रूई आधा कर दिया और रूई की जगह कपड़ा भर दिया कितनी बार कहा चीज़े संभालकर रखो उस दिन नहीं मिला तो नहीं मिला कितना खोजा और रूमाल कि जगह पैंट से निकल आया मोज़ा वो तो किसी ने शक नहीं किया क्योकि हमने खट से नाक पर रख लिया काम करते-करते टेबल पर पटक दिया- “साहब आपका मोज़ा।” हमने कह दिया।

हमारा नहीं किसी और का होगा अक़्ल काम कर गई मगर जोड़ी तो बिगड़ गई कुछ तो इज़्ज़त रखो पचास बार कहा मेरी अटैची में अपने कपड़े मत रखो उस दिन कवि सम्मेलन का मिला तार जल्दी-जल्दी में
चल दिया अटैची उठाकर।

खोली कानपुर जाकर
देखा तो सिर चकरा गया
पजामे की जगह
पेटीकोट आ गया
तब क्या खाक कविता पढ़ते या तुम्हारा पेटीकोट पहनकर मंच पर मटकते। एक माह से लगातार कद्दू बना रही हो वो भी रसेदार ख़ूब जानती हो मुझे नहीं भाता खाना खाया नहीं जाता बोलो तो कहती हो-“बाज़ार में दूसरा साग ही नहीं आता।” कल पड़ौसी का राजू बाहर खड़ा मूली खा रहा था ऐर मेरे मुंह मे पानी आ रहा था कई बार कहा- ज़्यादा न बोलो संभालकर मुंह खोलो अंग्रेज़ी बोलती हो जब भी बाहर जाता हूं।

बड़ी अदा से कहती हो-“टा….टा”
और मुझे लगता है जैसे मार दिया चांटा

मैंने कहा मुन्ना को कब्ज़ है ऐनिमा लगवा दो तो डॉक्टर बोलीं-“डैनिमा लगा दो।” वो तो ग़नीमत है कि ड़ॉक्टर होशियार था नीम हकीम होता तो बेड़ा ही पार था वैसे ही घर में जगह नहीं एक पिल्ला उठा लाई पाव भर दूध बढा दिया कुत्ते का दिमाग चढ़ा दिया तरीफ़ करती हो पूंछ की उससे तुलना करती हो हमारी मूंछ की तंग आकर हमने कटवा दी मर्दो की रही सही निशानी भी मिटवा दी।

वो दिन याद करो जब काढ़ती थीं घूंघट दो बीते का अब फुग्गी बनाती हो फीते का पहले ढ़ाई गज़ में एक बनता था अब दो ब्लाउज़ो के लिये लगता है एक मीटर आधी पीठ खुली रहती है मैं देख नहीं सकता और दुनिया तकती है।

मायके जाती हो तो आने का नाम नहीं लेतीं लेने पहुंच जाओ तो मां-बाप से किराए के दाम नहीं लेतीं कपड़े बाल-बच्चों के लिये सिलवा कर ले जाती हो तो भाई-भतीजों को दे आती हो दो साड़ियां क्या ले आती हो सारे मोहल्ले को दिखाती हो साड़ी होती है।

पचास की मगर सौ की बताती हो, उल्लू बनाती हो हम समझ जाते हैं, तो हमें आंख दिखाती हो,हम जो भी जी में आया बक रहे थे और बच्चे खिड़कियो से उलझ रहे थी हमने सोचा- वे भी बर्तन धो रही हैं मुन्ना से पूछा, तो बोला-“सो रही हैं।”

हमने पूछा, कब से? तो वो बोला-
“आप चिल्ला रहे हैं जब से।”

Meri diary motivational quotes in Hindi

”बढते चलिए”

अँधेरो में दिनकी जैसा ज्यादा दम नहीं होता ,
निगाहों का उजाला भी दियों से कम नहीं होता !!

दुनिया के लड़ाई झगड़े से जीतना कोई बड़ीबात नहीं है,
आज नहीं तो कल वह हर कोई जीत सकता है।

लेकिन जब आप अपनी जिंदगी की परेशानियों से जीतना सीख गऐ,
तो समझ लेना कि आप ने सफलता प्राप्त कर ली है।

याद रखें कोई भी काम तब तक ही मुश्किल होता है जब तक वह पूरा नहीं हुआ होता।
जिंदगी में परेशानियों से कभी दुखी मत होना। क्योंकि परेशानियां सबको आती है।

लेकिन जब हम उन परेशानियों से सफलता प्राप्त कर लेते हैं तो ऐसे लगता है कि वह
परेशानी कभी थी ही नहीं।

दुनिया में दो ही सच्चे ज्योतिषी हैं, मन की बात समझने वाली माँ और भविष्य को पहचानने वाला पिता !!

आईये खुद की नुमाईश ज़रा कम करें
जहाँ भी “मैं” लिखा है, उसे “हम” करें

चील की ऊँची उड़ान देखकर चिड़िया कभी उदास नही होती वो अपने आस्तित्व में मस्त रहती है मगर इंसान, इंसान की ऊँची उड़ान देखकर बहुत जल्दी चिंता में आ जाते हैं तुलना से बचें और खुश रहें।

“मेरा सफर अधूरा है”

कुछ गलतियां माफ कर,एक नई शुरुआत करते है,,
वफादारी की दुनिया से,अब विश्वासघात करते है..!!
बहुत सारे दिन मैंने तेरे बिना,अकेले ही गुजारे है….
अब पुरानी बातें भुलाकर,एक मुलाकात करते है..!!

याद आती है तेरी बातें,तेरे साथ बिताए हर लम्हें,,
चल कुछ पल जिंदगी से चुराके, खुराफत करते है..!!
दुनिया से हमने बहुत कुछ छुपाया है,हमारे बारे में
अब इश्क़ को दुनिया के सामने, साक्षात करते है..!!

तेरी याद में आज तक जो भी नज़्में, ग़ज़लें लिखी है,
मोहोंब्बत के उस लफ्ज़ को, अब विख्यात करते है..!!
तुम आ जाना कब्रस्तान में, पहुंच गया है “आकाश”
अब तन्हाई भरी इस जिंदगी से, निजात करते है..!!

अच्छा अच्छा कविता लिखने वाले विश्व में बहुत ज्यादा आदमी हैं। मैं भी एक छोटासा कविता लिखने की कोसिस कियाहै। आपको अच्छा लगे तो जरूर बताईएगा।

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